लखनऊ अग्निकांड के बाद बड़ा खुलासा! आरोपी भाइयों का एक और अवैध कॉम्प्लेक्स सील, अब एफआईआर की तैयारी

लखनऊ: अलीगंज अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले के आरोपी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ल और सुरेंद्र प्रसाद शुक्ल की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं। जांच के दौरान सामने आया है कि दोनों भाइयों ने घटनास्थल के पास ही एक और अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तैयार कराया था। इस निर्माण को लेकर अब प्रशासन और पुलिस दोनों ने कार्रवाई तेज कर दी है।

जानकारी के अनुसार जिस भूखंड पर यह कॉम्प्लेक्स बनाया गया है, वह वीरेंद्र प्रसाद शुक्ल की पत्नी विमला शुक्ला के नाम दर्ज है। आरोप है कि यह निर्माण भी निर्धारित भू-उपयोग नियमों के विपरीत कराया गया। मामले की जांच पुलिस कर रही है और यदि अग्निकांड वाले कॉम्प्लेक्स जैसी अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

आवासीय भूखंड पर खड़ा कर दिया व्यावसायिक ढांचा

जांच में पता चला है कि अलीगंज सेक्टर-डी स्थित भूखंड संख्या ए3/89 आवासीय श्रेणी का प्लॉट है, जो एलडीए अभिलेखों में प्रेरणा सिंह और विमला शुक्ला के नाम दर्ज है। आरोप है कि इस भूखंड पर नियमों को दरकिनार कर बेसमेंट समेत चार मंजिला व्यावसायिक निर्माण खड़ा कर दिया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को मौके पर कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं मिला। संपत्ति से संबंधित स्वीकृत मानचित्र भी प्रस्तुत नहीं किया जा सका। अग्निकांड के बाद इस कॉम्प्लेक्स की दुकानों और कार्यालयों पर ताले लगे मिले।

मानचित्र का रिकॉर्ड नहीं मिला, एलडीए ने की सीलिंग

एलडीए की टीम ने जब संबंधित अभिलेखों की जांच की तो इस निर्माण से जुड़ा कोई स्वीकृत मानचित्र रिकॉर्ड में नहीं मिला। अधिकारियों का मानना है कि संभव है कि आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत एकल इकाई मानचित्र के आधार पर बाद में व्यावसायिक निर्माण किया गया हो।

जांच के बाद एलडीए ने अवैध कॉम्प्लेक्स को सील कर दिया है। प्रशासन अब इस पूरे निर्माण की वैधानिक स्थिति और स्वीकृतियों की विस्तृत पड़ताल कर रहा है।

तीसरे दिन भी जारी रही सीलिंग कार्रवाई

अलीगंज अग्निकांड के बाद शहरभर में अग्निशमन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान जारी है। तीसरे दिन भी कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और अन्य व्यावसायिक संस्थानों पर कार्रवाई की गई। हालांकि मोहर्रम के कारण अभियान की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही और कुल 21 प्रतिष्ठानों को सील किया गया।

कोचिंग संचालकों के साथ होगी अहम बैठक

अग्निकांड के बाद कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य को लेकर भी चिंता बढ़ी है। इसी को ध्यान में रखते हुए एलडीए ने कोचिंग संचालकों के साथ शनिवार और रविवार को बैठक बुलाने का फैसला किया है। बैठक में सुरक्षा मानकों, वैध संचालन और छात्रों की सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

 

Related posts